लक्ष्य की ओर पहला कदम, वो उत्सुकता भरा,
पथ है कठिन, जीवन लगे नया सरा.
पाने को लक्ष्य अपना, होके तत्पर,
तोडके बंधन, जीतना है जहां वहां पहुंचकर.
जीवन की उत्कंठा जानते है जो लोग,
वहीँ पहुँचते है, उस खिश्तिज की ओर.
nivedita singh.
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